सरस्वती आवाहन 2021: तिथि, पूजा विधि, महत्व और कथा

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सरस्वती आवाहन 2021 तिथि, पूजा विधि, महत्व और कथा
सरस्वती आवाहन 2021 तिथि, पूजा विधि, महत्व और कथा

सरस्वती आवाहन शारदीय नवरात्री के पंचमी तिथि पर किया जाता है। इस साल सरस्वती का आवाहन 11 अक्टूबर 2021 को किया जाएगा। सरस्वती के आवाहन से व्यक्ति की बुद्धि शक्ति बढ़ती है। मंदबुद्धि वाले लोग ठीक हो सकते है।

सरस्वती का आवाहन मून नक्षत्र में करके नवरात्री की दशमी तिथि पर उनका विसर्जन’किया जाता है। माना जाता है की संगीत के सातो स्वर विणा से ही उत्तपन्न हुए है। इसीलिए इन्हे संगीत की देवी कहा जाता है। इनके आवाहन से राहु की समस्या ओ से छुटकारा मिलता है।

कथा

सृष्टि के निर्माण के समय सबसे पहले महालक्ष्मी देवी प्रकट हुई । उन्होंने सबसे पहले त्रिदेव ब्रह्मा , विष्णु और शिवजी को जन्म दिया। महालक्ष्मी ने तीनो को अपने अपने गुणों के अनुसार देवियो को प्रकट करने का अनुरोध किया।

भगवान शिव ने तमो गुण से महाकाली को , भगवान विष्णु ने रजोगुण से माँ लक्ष्मी को और ब्रह्मा ने सत्वगुण से माँ सरस्वती को प्रकट किया। 

सृष्टि के निर्माण का कार्य पूरा करके जब ब्रह्मा जी ने देखा की ब्रह्मांड मृत शरीर की तरह शांत हे , इसमें न तो कोई स्वर हे न तो वाणी ,तब वह यह समस्या लेकर विष्णु जी के पास गए। 

भगवान विष्णु ने उनसे कहा की माँ सरस्वती आपकी समस्या का समाधान कर सकती है। उनकी विणा में स्वर है।  वह सृष्टि में स्वर भर सकती है। तब ब्रह्मा जी ने सरस्वती को सृष्टि में उनकी विणा से स्वर भरने को अनुरोध किया।  और सृष्टि स्वर से भर गई।

पूजा विधि

घर की पूर्व दिशा में सफ़ेद कपडा बिछा दीजिए और उसपे देवी सरस्वती की स्थापना कीजिए। घी का दीपक जलाए , धुप करे , चंदन चढ़ाए , सफ़ेद और पीले दोनों फूल चढ़ाए, साबूदाने की खीर का भोग चढ़ाए , उड़द का एक मिष्टान चढ़ाए और फिर सरस्वती मंत्रो का जाप करे।  बुद्धि बढ़ाने के लिए माँ पर दही और शहद का भोग लगाए और उसे सेवन करे।

पुराणों के अनुसार पंचमी के दिन शिवजी ने माँ पार्वती को धन और सम्पन्नता की अधिष्ठात्री देवी होने का वरदान दिया था। उनके इस वरदान से माँ पार्वती का स्वरुप नीले रंग का हो गया था और वह नील सरस्वती कहलाई। 

शास्त्रों में कहा गया है की सप्तमी के दिन नील सरस्वती की पूजा करने से धन और सपन्नता से सम्बंधित सारी समस्याओ का समाधान होता है। नवरात्री की सप्तमी को संध्याकाल में सरस्वती पूजा और गौ सेवा करने से धन वृद्धि होती है।

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