हनुमान लंका दहन से जुडी 10 बातें | लंका कांड

हनुमान लंका दहन से जुडी 10 बातें | लंका कांड

हनुमान लंका दहन | लंका कांड वैसे तो रामायण की कथाए सुनते रहते है, पर फिर भी प्रभु श्री राम और हनुमान के चरित्र और लीलाए इतनी हमे आकर्षित करती है, की हमे बार-बार पढ़ने की इच्छा होती रहती है। और कहा गया है, की कलयुग में जितना इस कथनो को पढ़ा जाये उतना अच्छा…

अशोक वाटिका में हुवा हनुमान सीता मिलन

अशोक वाटिका में हुवा हनुमान सीता मिलन

अशोक वाटिका में हुवा हनुमान सीता मिलन सीता माता अशोक वृक्ष के नीचे बैठी थी। उनका शरीर क्षीण हो गया था। बाल बांधे हुए थे। वे लगातार भगवान के नाम का जाप कर रहे थे।  और मानसिक रूप से भगवान और उनके गुणों की लीला को याद कर रहे थे। हनुमान ने दूर से ही…

हनुमान पहुंचे लंका | हनुमान विभीषण मिलन

हनुमान पहुंचे लंका | हनुमान विभीषण मिलन

हनुमान पहुंचे लंका | हनुमान विभीषण मिलन जब हनुमान पहुंचे लंका जब हनुमान पहुंचे लंका उन्होंने देखा ,एक बड़ा सुंदर जंगल था। हरे-भरे पेड़, सुगंधित फूल, पक्षियों की चहचहाहट और भवरो की गुनगुनाहट जो मन को मोह ले। लेकिन हनुमान ने उसकी ओर देखा तक नहीं। वह कूदकर पहाड़ की चोटी पर चढ़ गए। उन्होंने…

देवताओ ने ली हनुमान की परीक्षा | Hanuman ki Pariksha

देवताओ ने ली हनुमान की परीक्षा | Hanuman ki Pariksha

देवताओ ने ली हनुमान की परीक्षा | Hanuman ki Pariksha देवताओं ने सोचा – हनुमान में बहुत ताकत है। उनकी शिक्षा का भी कई बार परीक्षण किया गया है। लेकिन यह जानना महत्वपूर्ण है कि क्या वे राक्षसों के बीच जाने और वापस आने की क्षमता रखते हैं। देवताओं ने हनुमान की परीक्षा (Hanuman ki…

हनुमान को शक्ति याद दिलाना

हनुमान को शक्ति याद दिलाना

हनुमान को शक्ति याद दिलाना अंगद ने कहा – भाई! अब एक महीना बीत चुका है। हमे ना तो सीता माता का कोई पता चला है और ना तो हम जहा जाना चाहते थे। वहा जा पाए है। यदि में वापस जाता हु, तो सुग्रीव मुझे अवश्य मार देगा। इसलिए मैं अब यहां रहूंगा और तपस्या…

Mata Sita ki Khoj | रामायण में सीता की खोज

Mata Sita ki Khoj | रामायण में सीता की खोज

रामायण में सीता की खोज | Sita ki Khoj राम और सुग्रीव मित्र बन गए। दोनों ने अग्नि के साक्षी होकर मित्रता स्थापित की। बाली की मृत्यु हो गई, और सुग्रीव वानरों के राजा बन गए। मानसून में, भगवान राम और लक्ष्मण ने प्रवक्षण पर्वत पर निवास करना शुरू कर दिया। सुग्रीव भोगविलास में पड़ गए…

जानिए सीता लंका में कितने दिन रही

जानिए सीता लंका में कितने दिन रही

जानिए सीता लंका में कितने दिन रही सीता लंका में कितने दिन रही ? माता सीता के लंका में रहने पर सबकी अलग अलग राय बताई गई है। कई लोग ११ माह १४ दिन बताते है तो कई लोग १२ माह बताते है, तो मानस में 435 दिन बताया गया है।। जब जटायु और श्री…

जानिए साम दाम दंड भेद का अर्थ | Meaning of Saam Daam Dand Bhed

जानिए साम दाम दंड भेद का अर्थ | Meaning of Saam Daam Dand Bhed

साम दाम दंड भेद का अर्थ : Meaning of Saam Daam Dand Bhed कौटिल्य (चाणक्य) ने युद्ध की स्थितियों से बचने के लिए राज्य की राजनीति में समाधान लाने के लिए चार उपायों – साम, दान या दाम, दंड और भेद का उल्लेख किया था। यह नीतियां आमतौर पर तब उपयोग में लाया जाता है, जब…

महाभारत युद्ध 18 दिन का वृतांत – Mahabharat Yuddh

महाभारत युद्ध 18 दिन का वृतांत – Mahabharat Yuddh

Dhanteras 2021: धनतेरस 2021 में कब है,जाने तिथि, पूजा, महत्त्व मित्रो ! अब हम बात करेंगे महाभारत युद्ध (Mahabharat Yuddh) के 18 दिनों की श्रृंखला की प्रत्येक दिन क्या हुआ, और किस पक्ष को क्या हानि हुई। तो आइए शुरू करते हैं। Diwali 2021: दिवाली 2021 कब है, जाने तिथि, पूजा विधि, कथा      …

राम ने हनुमान को मृत्युदंड क्यों दिया? Ram Hanuman Yudh

राम ने हनुमान को मृत्युदंड क्यों दिया? Ram Hanuman Yudh

राम ने हनुमान को मृत्युदंड क्यों दिया? यह भी पढ़े: हनुमान जी को श्राप क्यों मिला श्री राम अयोध्या लौट गए | हनुमान भरत संवाद श्री राम अयोध्या लौट गए | हनुमान भरत संवाद हनुमान जी संजीवनी बूटी लेने गए हनुमान गोवर्धन पर्वत कथा | Hanuman Govardhan Parvat हनुमान लंका दहन से जुडी 10 बातें…

राम हनुमान भेंट | Ram Hanuman Milan

राम हनुमान भेंट | Ram Hanuman Milan

राम हनुमान भेंट | Ram Hanuman Milan भगवान राम ने अवतार ले लिया था। भगवान शंकर अक्सर भगवन के बाललीला के दर्शन करने अयोध्या आते रहते। एक दिन वह एक ज्योतिषी बन जाते और भगवान का हाथ देखते, एक दिन वह भिक्षुक बन कर आशीर्वाद देते। प्रभु ने कहा – “हनुमान! तुम मेरे सबसे प्रिय…

हनुमान जी को श्राप क्यों मिला

हनुमान जी को श्राप क्यों मिला

हनुमान जी को श्राप क्यों मिला हनुमान बचपन में बहुत शरारती थे। एक तो वह बंदर , दूसरा बालक और तीसरा देवताओं से प्राप्त शक्तिया। और रुद्र काअंश तो वो थे ही ! वह ऋषिओ के आसान छीन लेते और उन्हें पेड़ों पर लटका देते, उनके कमंडलों से पानी गिरा देते , और उनकी लंगोट…