सूर्य ग्रहण 2021: साल का पहला सूर्य ग्रहण जाने क्या करे क्या ना करे

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सूर्य ग्रहण 2021 साल का पहला सूर्य ग्रहण जाने क्या करे क्या ना करे
सूर्य ग्रहण 2021 में कब होगा

साल का सबसे पहला सूर्य ग्रहण 2021, 10 जून को पड़ रहा है। तो आइये जानते है, ऐसे 7 काम जिससे आप मनवांछित फल की प्राप्ति कर सकते है। और हम यह भी जानेंगें कि सूर्य ग्रहण 2021 कब लगेगा, सूर्य ग्रहण का समय क्या है?

भारत में इसका क्या प्रभाव पड़ेगा ? और विदेशों में इसका क्या प्रभाव है? कितने विदेशों में कहाँ-कहाँ ये सूर्य ग्रहण 2021 लगेगा ? और सबसे खास चीज़ कि सूर्यग्रहण 2021 में कौन से ऐसे 7 उपाय करे, जो भविष्य पुराण इसकी अनुमति देता है, कि सात उपाय अगर आप करते हैं, तो आपकी इच्छा पूर्ति हो सकती है।

सूर्य ग्रहण 2021 में कब होगा

सबसे पहले हम ये जानते हैं, कि सूर्य ग्रहण 2021 कब लगेगा, देखिए 10 जून को साल का पहला सूर्यग्रहण लगने वाला है और उसी दिन दो शुभ योग भी बन रहे हैं।

यानी कि उसी दिन वट सावित्री व्रत भी है, और शनि जयंती भी है। बहुत से लोगों को यह दुविधा होगी के इस दिन हम वट सावित्री व्रत और शनि जयंती हम करे या ना करे।

 सूर्य ग्रहण कितने बजे लगेगा 2021?

इसके बारे में बताएं कि ये जो ग्रहण है, भारतीय समय अनुसार दोपहर के 1:42 से लेकर और शाम के 6:41 तक रहने वाला ये सूर्य ग्रहण कंगन आकृति सूर्यग्रहण दिखेगा, यानी कि अगर आप इसको अगर आकाश में देखेंगे, तो ये आपको रिंग की तरह दिखाई देगा।

सूर्य ग्रहण 2021 का प्रभाव ?

दूसरा चीज़ अगर हम देखे तो ये भारत के अंदर आंशिक रूप से दिखाई देगा, यानी की नगण्य रूप से दिखाई देगा। पंचांगों के अनुसार इसकी मान्यता अल्प ग्राफ की है।

भारत में सूर्य ग्रहण कहां कहां दिखलाई देगा ?

यानी की सूर्य ग्रहण देखा जाए तो भारत में तो पूर्वोत्तर भारत यानी की अरुणाचल प्रदेश में कुछ भागों में दिखाई देगा और जम्मू कश्मीर के कुछ भागों में ही दिखाई देगा।

सूर्य ग्रहण 2021 में सूतक लगेगा ?

बाकी पूरे भारत में ये स्पष्ट सूर्य ग्रहण नहीं है। यानी कि इसका सूतक और पातक और सूर्य ग्रहण की मान्यता एटलिस्ट भारत में तो कही भी नहीं है।

पहले भी चीज़ मैं बताना चाहता हूँ दूसरी चीज़ जब सूर्यग्रहण है ही नहीं तो आप वट सावित्री व्रत कर सकते हैं। आज शनि जयंती धूमधाम से मना सकते हैं।

सूर्य ग्रहण में व्रत करना चाहिए या नहीं ?

याद रखेगा ये बहुत चिंता होती है, कि ग्रहण के दौरान हमें और व्रत करना चाहिए के नहीं, तो शास्त्र इसकी अनुमति नहीं देता है।

लेकिन क्योंकि ये सूर्यग्रहण अधिकतर भारत में नहीं है। तो इसलिए आप महिलाएं हैं ,तो वट सावित्री व्रत भी कर सकती हैं, और शनि जयंती भी आप मना सकते हैं। बड़ा शुभ दिन रहेगा उस दिन आप मुख्य रूप से देखते हैं, कि ये सूर्य ग्रहण का पूर्ण प्रभाव कहा पड़ेगा।

सूर्य ग्रहण किस देश में पड़ेगा ?

इस सूर्यग्रहण का पूरा प्रभाव रूस में पड़ेगा, मंगोलिया में पड़ेगा, यूरोप में पड़ेगा, ग्रीनलैंड में पड़ेगा, कनाडा और चीन में ये सूर्यग्रहण पूर्णतया से लागु होगा।

अब शास्त्रों के अनुसार देखा जाए तो खासकर भविष्य पुराण में कहा जाता है। सूर्य ग्रहण से पहले कुछ काम करने से जीवन के कष्ट, तनाव, बाधाएं और दूर हो जाती है, और धन धान्य की कमी नहीं रहती है।

चाहे आपके भारत के अंदर सूर्य ग्रहण है, या नहीं लेकिन आप ये उपाय करेंगे तो आपकी जो मनोकामना होगी वो जरूर पूर्ण होगी।

शाश्त्रो के अनुसार सूर्य ग्रहण में करे यह 7 उपाय:

1. सूर्य ग्रहण में कौन सा उपाय करना चाहिए?

शास्त्रों के अनुसार सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक लगता है, और चंद्रग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक लगता है।

ये आप लोग जानते हैं। तो आप क्या करें कि 12 घंटे पहले सूर्यग्रहण से आपको गंगाजल या किसी तीर्थ आलय का जल आपको भरकर किसी बोतल में किसी सूची में रख देना है, अपने बेड में अपने कमरे में आप रख दीजिए और ग्रहण के दौरान या ग्रहण के बाद।

आप घर के अंदर उसका छिड़काव जरूर करिएगा। इससे नकारात्मकता दूर हो जाती है। घर के अंदर जो भी मानसिक तनाव, डिप्रेशन बाधा होती वो दूर हो जाती है। इसलिए ग्रहण के बाद ग्रहण समाप्त हो जाता है तो घर में गंगाजल का छिड़काव जरूर करें

2. सूर्य ग्रहण में खाना कब खाना चाहिए?

अगर देखा जाए तो दूसरा उपाय है। कि ग्रहण के दिन वातावरण के अंदर जिस दिन भी ग्रहण लगने वाला होता है। उस दिन वातावरण के अंदर नेगेटिविटी पाई जाती है।

इसलिए आपको जब भी मान लीजिए 10 जून को ग्रहण है तो 10 जून को आप जब भी भोजन करेंगे, तो भोजन या जल के अंदर चाय के अंदर तुलसी या कुशा के पत्ते डालकर ही भोजन करें।

शास्त्रों के अनुसार तुलसी को अमृत कहा जाता है, और घर की तनाव से मुक्ति के लिए यह रामबाण भी कहा जाता है। या बीमारी से संक्रमण रोग से मुक्ति के लिए तुलसी को रामबाण कहा जाता है।

तो इसलिए ग्रहण काल के दौरान चाहे विदेश में रहते हो, चाहे भारत में रहते हो, आप घर के अंदर 10 जून के अंदर जब भी पूरे भोजन करें, चाय पिएं, जल पिएं तो उसमें तुलसी जरूर डाल दें।

3. सूर्य ग्रहण में भोजन पकाना नहीं चाहिए?

तीसरा उपाय ग्रहण काल मैं आपको भोजन नहीं बनाना है। यानी जब ग्रहण शुरू होगा वैसे तो भारत में मान्य नहीं है, लेकिन विदेशों में मान्य है, तो जब भी ग्रहण शुरू होगा, उस समय पर भोजन आपको नहीं पकाना है, क्योंकि ऐसे में शास्त्रों में कहा जाता है, कि ऐसे में भोजन करना दूषित माना जाता है, और दूषित भोजन खाने से विकार हो जाते हैं।

4. ग्रहण में घर का मंदिर

चौथा अगर प्रयोग बताए कि ग्रहण काल के दौरान आप जय पूजा स्थल या मंदिर को पर्दे से ढक कर रखें। याद रखेगा पर्दे से ढक कर आपको रखना पड़ेगा तब जाके आपके घर के अंदर जो नेगेटिविटी है वो मंदिर में ही छाएगी।

5. सूर्य ग्रहण में जल चढ़ाना चाहिए ?

पांचवीं चीज़, 5:00 बजे ग्रहण शुरू होने से ठीक पहले आपको एक उपाय करना है। आप तांबे का लोटा लेके आए उसके अंदर जल डालें।

उसके अंदर आप लाल फूल और सिंदूर डालकर सूर्य भगवान को जल दें। यानी कि सूर्य ग्रहण से ठीक 12 घंटे पहले आपको जल देना पड़ेगा और वो 1 दिन पहले यानी 9 जून को आपको सूर्य भगवान को जल देना है।

ऐसा कहा जाता है कि ग्रहण काल से पहले यानी कि सूतक से पहले अगर आप सूर्य भगवान को जल देते हैं, तो नव ग्रहो से संबंधित पीड़ा का निराकरण होता है।

6. सूर्य ग्रहण में दान कब करना चाहिए?

छठा उपाय की बात करें तो ग्रहण के पश्चात जब ग्रहण खत्म हो जाए, लाल वस्तु, लाल कपड़ा कमीज ले लीजिएगा, या आप न देखें तो सेब, राजमा या मसूर की दाल अपने सामर्थ अनुसार उसको तुलवा लीजिएगा, और ग्रहण खत्म होने के बाद, उस वस्तु का दान करने से शास्त्र में लिखा है, कि कई गुना पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

इसलिए आपको सूर्य ग्रहण के दौरान लाल चीजों का दान, या लाल मिठाई का दान, या लाल अन्न का दान जरूर देना चाहिए। वो आपके पुत्र और पौत्र आदि के लिए बहुत अच्छा रहता है।

7. सूर्य ग्रहण में कौन सा मंत्र का जाप करें?

सातवाँ उपाय आपको क्या करना है, जब ग्रहण चल रहा है, तो माथे पे आप चंदन लगाले, चंदन लगाने के बाद, सम्पूर्ण ग्रहण के दौरान, ओम नमो भगवते वासुदेवायः इस मंत्र का पाठ करते रहे।

जितना हो सके एक माला 11 माला, 21 माला जितना आपके सामर्थ्य के अनुसार हो सके पूर्व की ओर मुँह करके आप इस मंत्र की माला जरूर करें।

आप चाहे बेड पे बैठ के कर सकते हैं, उस समय पे मंदिर बंद होंगे, पूर्व की ओर मुँह करके आप करेंगे तोजीवन के अंदर जो कष्ट होते हैं, शास्त्रों के अनुसार उससे मुक्ति मीलती है, तो मित्रों आपको सूर्यग्रहण का लाभ चाहिए तो आप ये सात उपाय जरूर करें।